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कोटद्वार का युवक गिरफ्तार 2-एक लाख के पार कोरोना का आंकड़ा

 07 JANUARY 2022 FORCE TODAY NEWS

  कोटद्वार का युवक गिरफ्तार-मुख्य साजिशकर्ता असम से अरेस्ट

मुंबई साइबर पुलिस ने कोटद्वार के शिब्बूनगर निवासी 21 वर्षीय युवक को उसके घर से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसका मेडिकल कराकर कोर्ट में पेश किया, जहां से ट्रांजिट रिमांड पर पुलिस आरोपी युवक को लेकर मुंबई रवाना हो गई।

आरोपी युवक मयंक रावत
 मुंबई वेस्ट साइबर पुलिस थाने के उपनिरीक्षक ने बताया कि मुंबई की एक महिला ने उसकी फोटो में आपत्तिजनक कमेंट कर ट्वीटर पर डालने की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की जांच में कोटद्वार के युवक का नाम भी सामने आया था।अपने दो अन्य पुलिस कर्मी साथियों के साथ मंगलवार सुबह कोटद्वार पहुंच गए थे। युवक की लोकेशन पता करने के बाद रात के करीब डेढ़ बजे कोटद्वार पुलिस को साथ लेकर युवक के राजेंद्र नगर कालोनी शिब्बूनगर स्थित आवास पर छापा मारा।
पूछताछ करने के बाद रात के दो बजे आरोपी युवक मयंक रावत पुत्र प्रदीप रावत को गिरफ्तार कर कोटद्वार पुलिस के सुपुर्द कर दिया। बुधवार सुबह युवक का मेडिकल और कोरोना रैपिड एंटीजन टेस्ट कराया गया।
मयंक रावत दिल्ली के जाकिर हुसैन कालेज में बीएससी का छात्र है। ओमिक्रॉन के कारण कॉलेज बंद होने पर वह इन दिनों कोटद्वार अपने घर आया हुआ था। बताया कि बुल्ली बाई नाम के ट्वीटर हैंडल से मयंक ने महिला की फोटो को अपने ट्वीटर एकाउंट से शेयर किया था। मयंक बुल्ली बाई ट्वीटर हैंडल पर इस प्रकार की आपत्तिजनक पोस्ट करने वाले ग्रुप से जुड़ा हुआ पाया गया है। मुंबई की महिला की शिकायत पर आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। 

आरोपी युवक नीरज,

विवादास्पद 'बुली बाई' ऐप मामले में गुरुवार को दिल्ली पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। 

 दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि उन्होंने GitHub प्लेटफॉर्म पर bulli bai ऐप बनाने वाले 20 साल के इंजीनियरिंग स्टूडेंट को असम के जोरहाट से अरेस्ट कर लिया है। गिरफ्तार युवक की पहचान 21 वर्षीया नीरज विश्नोई के रूप में हुई है।

यह युवक भोपाल के वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (VIT) से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग कर रहा है। दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटजिक ऑपरेशन यूनिट (IFSO) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद VIT ने उसे सस्पेंड कर दिया है।

गुरुवार को ही दिल्ली पुलिस ने उसे स्थानीय कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 10 जनवरी तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। साथ ही पुलिस को कोर्ट ने बुली बाई ऐप मामले में उसके ठिकानों की तलाशी लेने की अनुमति भी दे दी है।

पुलिस नीरज को बुली बाई ऐप का मुख्य साजिशकर्ता बता रही है। इस ऐप पर मुस्लिम महिलाओं को निशाने पर लेकर उनकी बोली तक लगाई जा रही थी। इस मामले में उत्तराखंड की श्वेता सिंह, बेंगलुरु के विशाल झा और मयंक रावल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

गिरफ्तार विशाल झा
बुली बाई एप मामले में पुलिस ने अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें से एक उत्तराखंड की रहने वाली 18 साल की श्वेता सिंह है। पुलिस का दावा है कि ऐप के पीछे मास्टरमाइंड यही लड़की है। इसके अलावा उसके 20 वर्षीय दोस्त मयंक रावत व 21 वर्षीय विशाल कुमार झा को गिरफ्तार किया गया है। श्वेता की बहन मनीषा सिंह ने भी अपनी बहन को फंसाए जाने का आरोप लगाया है। मनीषा ने कहा कि उनकी बहन निर्दोष है और उसे एक ऐसे व्यक्ति ने फंसाया था जिससे वह ऑनलाइन मिली थी। श्वेता को पुलिस ने रुद्रपुर स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया है। मनीषा ने कहा कि श्वेता वह एक सोशल मीडिया वेबसाइट पर एक गियू के संपर्क में आई। गियू नेपाल का रहने वाला है। उसका मूल नाम हिमांशु गोयल है। उसने श्वेता को धोखा दिया और इंटरनेट पर उसके नाम से इन भयानक कृत्यों को अंजाम दिया। उसने इसके लिए श्वेता की साख का इस्तेमाल किया।

'बीएचयू में पढ़ना चाहती थी'
बहन ने कहा कि श्वेता भारतीय सेना में नर्सिंग सेवाओं में शामिल होना चाहती थी, लेकिन एक नेत्र रोग का पता चलने के बाद उसे अपना सपना छोड़ना पड़ा। उसका इलाज दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में किया गया। बाद में, श्वेता बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से पुरातत्व में बीए करना चाहती थी, लेकिन कोरोना महामारी के चलते उसका यह सपना भी पूरा नहीं हो सका।

क्या है बुली बाई ऐप केस
बुली बाई ऐप के जरिए मुस्लिम समुदाय की महिलाओं की तस्वीरें लगाकर उनकी कथित तौर पर बोली लगाने का आरोप है। पुलिस ने आरोप लगाया है कि श्वेता ने एक अन्य आरोपी के साथ विवादास्पद ऐप को कंट्रोल करती थी। उसने ही ऐप का ट्विटर हैंडल भी बनाया था।

 एक लाख के पार कोरोना का आंकड़ा

देश में कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर रफ्तार पकड़ने लगी है। गुरुवार रात 8 बजे तक देशभर में 1 लाख 7 हजार 848 नए केस दर्ज किए गए। तीसरी लहर शुरू होने के बाद पहली बार 24 घंटे के नए केस का आंकड़ा एक लाख के पार हुआ है। महाराष्ट्र (36,265) और दिल्ली (15,097) दो ऐसे राज्य हैं, जहां देशभर में मिले नए मरीजों के कुल आधे संक्रमित हैं।

देश में गुरुवार को 29,675 मरीज ठीक हुए हैं, जबकि 290 ने जान गंवाई है। एक्टिव केस यानी इलाज करा रहे मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 3 लाख 57 हजार 364 हो गया है।

 दिल्ली में कोरोना संक्रमण की रफ्तार तीन दिन में तीन गुना हो गई है। 4 जनवरी को दिल्ली में 5481 मामले आए थे, 5 जनवरी को मामले बढ़कर 10,665 हो गए। 6 जनवरी 15,097 केस मिले हैं। आज कोरोना संक्रमित 6 लोगों की जान गई। दिल्ली में पॉजिटिविटी रेट 15% हो गया है।

  07 JANUARY 2022 FORCE TODAY NEWS

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