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तस्वीरें, ब्लास्ट से कैसे उड़ गए सिर और टांगें

 तस्वीरें, ब्लास्ट से कैसे उड़ गए सिर और टांगें-

बाथरूम में मिला शव, ब्लास्ट से  चिथड़े उड़ गए।
पंजाब के लुधियाना शहर में गुरुवार को कोर्ट में पुराने परिसर में जोरदार धमाका हुआ। धमाका अदालत की तीसरी मंजिल पर बाथरूम में करीब साढ़े 12 बजे हुआ, जिससे दीवारें ढह गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है। वहीं महिला समेत 4 लोग गंभीर घायल हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है। धमाका इतना जोरदार था कि पूरी इमारत हिल गई। कारों के शीशे चटक गए। मलबा दूसरी मंजिल तक और ग्राउंड फ्लोर तक आ गिरा। लोगों में एक बार तो अफरा तफरी मच गई थी।वहीं बाथरूम में एक व्यक्ति के शव के चिथड़े उड़ गए, उसके मानव बम होने की आशंका जताई जा रही है।
लुधियाना की जिला अदालत में गुरुवार दोपहर 12.25 बजे हुए बम ब्लास्ट में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) का इस्तेमाल किए जाने का शक है। इस धमाके में 1 आदमी की मौत हो गई जबकि 6 अन्य घायल हो गए। ब्लास्ट की जांच के लिए दिल्ली से NSG, NIA और नेशनल बम डाटा सेंटर की टीमें मौके पर पहुंच गईं। ब्लास्ट के 10 घंटे बाद, रात 10.15 बजे NSG टीम ने मलबे में पड़ी बॉडी को वहां से हटवाकर सिविल अस्पताल की मॉर्चरी में रखवा दिया।

चंडीगढ़ से बम निरोधक दस्ता और फोरेसिंक एक्सपर्ट भी शाम को ही मौके पर पहुंच गए। उधर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस धमाके को लेकर पंजाब सरकार से रिपोर्ट मांगी है। पंजाब के CM चरणजीत सिंह चन्नी, डिप्टी CM सुखजिंदर सिंह रंधावा और पंजाब पुलिस के DGP भी धमाके के बाद घटनास्थल पर पहुंचे।

इस ब्लास्ट को लेकर लुधियाना के डिवीजन नंबर 5 थाने में पुलिस ने आईपीसी की धारा 307, 302 और एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया। यह केस कोर्ट कॉम्प्लेक्स चौकी इंचार्ज ASI सुखपाल सिंह के बयान पर दर्ज किया गया। ASI के अनुसार गुरुवार दोपहर 12:30 बजे तीसरी मंजिल पर जोरदार धमाका हुआ। इसमें 6 लोग घायल हुए जबकि एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। लुधियाना के पुलिस कमिश्नर के अनुसार, जिस आदमी की मौत हुई है, एक्सप्लोसिव उसी के पास था और बम फिट करते समय धमाका हो जाने से उसकी भी मौत हो गई।








ब्लास्ट के कारण पार्किंग में खड़ी गाड़ियों पर मलबा गिरने से टूटे शीशे।

 कोर्ट कॉम्पलेक्स के अंदर जाने के लिए 12 दरवाजे बने हैं। इनमें से सिर्फ 2 गेट पर मेटल डिटेक्टर लगे हैं। लुधियाना कोर्ट में प्रेक्टिस करने वाले वकीलों के अनुसार, यह दोनों मेटल डिटेक्टर भी 'डेड' थे। कोर्ट कॉम्प्लेक्स के गेटों पर कहने को तो पुलिस मुलाजिम तैनात रहते थे मगर वह किसी की जांच वगैरह नहीं करते थे और एक साइड में बैठे रहते थे।

 

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