सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

कोटद्वार मे चाट खाने मै मस्त है लोग-सोशल डिस्टैन्सिंग की धजिया उड़ा रहे है -




कोटद्वार मे कोरोना विस्फोट,हो रहा है एक के  बाद एक कोरोना मरीज़ मिल रहे है लेकिन लोग सुधर नहीं रहे है। 
ताज़ा मामला सब्जी मंडी का है की लोग चाट खाने मै मस्त है कोरोना जैसे चाट की दूकान मे आ ही नहीं सकता  सोशल डिस्टैन्सिंग का पालन तो दूर मास्क भी नहीं पहन रखा है। WATCH VIDEO 

उत्तराखंड अपडेट -राज्य में फिर हुआ कोरोना विस्फोट, 246 मरीज मिलने से 8254 पहुंचा आंकड़ा

राज्य में बुधवार को कोरोना के 246 नए मरीज मिले। इसके साथ ही कुल मरीजों की संख्या 8254 हो गई है। कुल 386 मरीज ठीक होने के बाद असप्तालों से डिस्चार्ज किये गए हैं। तीन कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत भी हो गई। 

स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार अल्मोड़ा में 2, बागेश्वर में 1, चमोली में 3, चम्पावत में 1, देहरादून में 47, हरिद्वार में 20, नैनीताल में 50, पौडी में 9, रुद्रप्रयाग में 6, टिहरी में 5, यू एस नगर में 36, उत्तरकाशी में 66 नए मरीज मिले है। हल्द्वानी, दून एवं एम्स में एक एक मरीजों की मौत हो गई।

बुधवार को राज्यभर से 4779 सैम्पल जांच के लिए भेजे गए हैं। जबकि 9559 सैम्पलों की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। राज्य में कोरोना मरीजों के डबल होने की दर 29 दिन, मरीजों के ठीक होने की दर 63 प्रतिशत और संक्रमण दर 4.75 प्रतिशत है। राज्य में कोरोना नियंत्रण के लिए कुल 369 कंटेन्मेंट ज़ोन बनाये गए हैं। 

राज्य में पिछले पंद्रह दिनों से कोरोना वायरस लगातार घातक होता जा रहा है। अस्पतालों में भर्ती हो रहे मरीजों में वायरस के सभी लक्षण दिखाई देने लगे हैं और मरीजों की स्थिति गंभीर हो रही है। यही नहीं राज्य में कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत के आंकड़े भी लगातार बढ़ रहे हैं। 

राज्य में कोरोना मरीजों के मिलने का सिलसिला 15 मार्च को शुरु हुआ था और जब से अभी तक 7800 मरीज मिल चुके हैं। लेकिन मार्च से लेकर 15 जुलाई तक मिले मरीज सामान्य किस्म के थे और इनमें से 85 प्रतिशत के करीब मरीजों में कोरोना वायरस के या तो लक्षण नहीं थे।

कुछ मरीजों में लक्षण दिखाई भी दे रहे थे तो सिर्फ एक या दो ही लक्षण दिखाई दे रहे थे। गंभीर मरीजों का प्रतिशत से तीन से चार तक ही था। लेकिन पिछले 15 दिनों से राज्य में मिल रहे कोरोना मरीजों की स्थिति में बदलाव दिखाई दे रहा है। अस्पतालों में इलाज के लिए लाए जा रहे अधिकांश कोरोना मरीजों में अब सभी प्रमुख लक्षण दिखाई दे रहे हैं और मरीजों की स्थिति भी गंभीर हो रही है।

दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ एनएस खत्री ने बताया कि मरीजों की प्रकृति में पिछले एक दो सप्ताह में बदलाव देखा गया है। अब ऐसे मरीज आ रहे हैं जिन पर वायरस के सभी प्रमुख लक्षण दिखाई दे रहे हैं और उनकी स्थिति गंभीर हो रही है। स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों ने बताया कि दून के अलावा हल्द्वानी और एम्स ऋषिकेश में भी लगातार गंभीर मरीजों की संख्या बढ़ रही है। 





टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

कोटद्वार के जंगल में जब लावारिश लाश को पाया...फावड़े से वार ...

  कोटद्वार के जंगल में जब लावारिश लाश ...  पति की हत्या करने वाली पत्नी. सोनम रघुवंशी और मेरठ की मुस्कान रस्तोगी के बाद अब ऐसी ही एक खबर मुरादाबाद से सामने है. मुरादाबाद की रहने वाली रीना सिंधु ने अपने पति रविन्द्र कुमार की हत्त्या बिजनौर के रहने वाले अपने प्रेमी पारितोष कुमार के साथ मिलकर कर दी. इतना ही नहीं पति की हत्या के बाद उसकी लाश को कार में रखकर दो दिन तक उत्तराखंड की सड़कों पर घूमती रही. फिर कोटद्वार के जंगलों में सुनसान जगह देखकर शव को फेंक दिया. लेकिन पुलिस ने लावारिश लाश मिलने के बाद शुरू की जांच के बाद आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है.  इस कहानी की शुरुआत तब से होती है जब उत्तराखंड पुलिस ने कोटद्वार के जंगल में जब लावारिश लाश को पाया. फिर लाश की पहचान करने के लिए तफ्तीश शुरू की तो पति-पत्नी और वो की हैरान करने वाली कहानी सामने आई  जानकारी के अनुसार रविंद्र कुमार की मुरादाबाद के सिविल लाईन थाना इलाके के रामगंगा विहार कॉलोनी में एक पुराना मकान है. वो इस मकान को बेचना चाहते थे. लेकिन उनकी दूसरी पत्नी रीना सिंधु इसके खिलाफ थी. ऐसे में उसने प...

video कोटद्वार घराट मैं हत्या का प्रयास

  video कोटद्वार  घराट मैं हत्या का प्रयास यह कहावत अक्सर यह दर्शाती है कि लोग दूसरों के दर्द या परेशानी से दूर रहते हैं और केवल मनोरंजन के लिए मौजूद रहते हैं।

हरिद्वार: कांगड़ी में गंगा मैया की छाती चीर रहा अवैध खनन, प्रशासन मौन video

 DATE - 24 DEC 2025 हरिद्वार: कांगड़ी में गंगा मैया की छाती चीर रहा अवैध खनन, प्रशासन मौन VIDEO हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा की पवित्रता और उसके अस्तित्व पर एक बार फिर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। ताज़ा मामला कांगड़ी क्षेत्र का है, जहाँ 'गंगा मैया' की गोद में चोरी-छिपे अवैध खनन का खेल धड़ल्ले से जारी है। हैरत की बात यह है कि यह सब कुछ बिना किसी रोक-टोक के प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है। ​ रात के अंधेरे में "सक्रिय ​स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कांगड़ी और उसके आसपास के तटवर्ती इलाकों में खनन माफिया  नियमों को ताक पर रखकर गंगा की जलधारा के बीचों-बीच से रेत और पत्थर निकाला जा रहा है। ​ बिना रोक-टोक जारी है 'काला कारोबार' ​हैरानी इस बात की है कि जिस क्षेत्र में खनन पूरी तरह प्रतिबंधित होना चाहिए, वहाँ बेखौफ होकर खनन सामग्री ढोई जा रही है।  ​ निगरानी का अभाव: संबंधित विभाग के अधिकारी इस ओर से आँखें मूँदे बैठे हैं। ​ पर्यावरण को खतरा: अंधाधुंध खनन के कारण गंगा का प्राकृतिक बहाव बदल रहा है, जिससे भविष्य में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। ​ आस्था और पर्यावरण...