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मोदी..के नारों से गूंजा माणा गांव

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 मोदी..के नारों से गूंजा माणा गांव
चीन से महज 24 किमी दूर, माणा से PM नरेंद्र मोदी ने भरी हुंकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार देश के अंतिम गांव माणा पहुंचे। वे यहां न केवल पहली बार आए लेकिन पहली जनसभा भी की।
पीएम का भाषण शुरू होते ही  इस दौरन पूरा पांडाल मोदी के नारों से गुंजायमान हो गया। मोदी को अपने बीच देखकर  ग्रामीणों का उत्साह चरम पर रहा।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा शुरू होने और समाप्त होने पर चार बार जनता को झुककर प्रणाम किया।  
उत्तराखंड के दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद भारत-चीन सीमा से महज 24 किलोमीटर दूर देश के आखिरी गांव माणा पहुंचे। माथे पर त्रिपुंड लगाए पीएम मोदी एकदम भक्ति भाव में डूबे नजर आए। इस अवसर पर भी पीएम मोदी ने इशारों-इशारों में पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तान को भारत की ताकत से रूबरू कराया। पीएम मोदी ने माणा से हुंकार भरते हुए कहा, 'माणा गांव भारत के अंतिम गांव के रूप में जाना जाता है लेकिन मेरे लिए सीमा पर बसा हर गांव देश का पहला गांव है। सीमा पर बसे आप जैसे सभी साथी देश के सशक्त प्रहरी है।' पीएम मोदी ने कहा, 'पहले देश का आखिरी गांव मानकर जिसकी उपेक्षा की जाती थी, हमने वहां के लोगों की अपेक्षाओं पर फोकस किया।'
मोदी की जनसभा के दौरान ग्रामीण काफी उत्साहित नजर आए। लोग सभा के दौरान लगातार मोदी के नारे लगाते रहे। मोदी को सुनने के लिए बदरीनाथ के दर्शनों को आए तीर्थयात्री भी पहुंचे थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने बीच पाकर माणा गांव के ग्रामीण गदगद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह कभी न भूलने वाले पल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने जनजाति की सुध ली। 
शुक्रवार को प्रधानमंत्री की जनसभा में प्रतिभाग करने के लिए नीती घाटी के साथ ही जनपद के अन्य निचले गांवों के ग्रामीण सुबह चार बजे ही अपने घरों से निकल गए थे।

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