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रुड़की में नेताओं के बीच गैंगवार .


रुड़की में नेताओं के बीच गैंगवार .

Haridwar Firing Case: रुड़की ( में दो नेताओं के बीच गैंगवार जैसे हालात बनने से माहौल गरमा गया है। खानपुर विधायक उमेश कुमार ( Khanpur MLA Umesh Kumar)और पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन (Kunwar Pranav Singh Champion) के बीच दो दिनों से सोशल मीडिया पर चल रहा विवाद रविवार को हिंसक हो गया...फिलहाल पुलिस ने गोरीबारी के आरोप में प्रणव चैंपियन को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है...जबकी उमेश कुमार जमानत पर बाहर है...लेकिन अब इस मामले को उत्तराखंड की नैनीताल हाईकोर्ट (High Court) ने एक्शन लेते हुए डीएम और एसपी को तलब किया है...

दोस्ती बन गई दुश्मनी

उमेश कुमार और प्रणव चैंपियन एक समय में दोस्त थे। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों ने उनके रिश्तों में खटास डाल दी। दरअसल, प्रणव चैंपियन इस सीट पर अपना दावा मानते थे। खानपुर सीट पर उनके दोस्त उमेश कुमार निर्दलीय उम्मीदवारी पेश कर दी। उनकी स्थिति मजबूत दिख रही थी। प्रणव चैंपियन ने अपनी पत्नी को इस सीट पर उतारा।  हालांकि, प्रणव चैंपियन का दांव काम नहीं आया। उमेश कुमार निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर पहली बार विधायक चुन लिए गए। खानपुर सीट पर प्रणव चैंपियन पत्नी की हार से नाराज हो गए। दोनों के बीच की दुश्मनी और बढ़ गई।

विवादित है प्रणव का राजनीतिक सफर

कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन चार बार उत्तराखंड के खानपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। वह एनडी तिवारी, विजय बहुगुणा और हरीश रावत सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे थे। 2016 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था। उस समय कांग्रेस के 9 विधायकों ने हरीश रावत सरकार को गिराने का असफल प्रयास किया था।
2019 में अमर्यादित भाषा के इस्तेमाल और विवादित बयानों के चलते उन्हें बीजेपी ने अनिश्चितकाल के लिए पार्टी से निकाल दिया। हालांकि, बाद में उनकी सदस्यता बहाल कर दी गई। दावा किया जाता है कि उनका परिवार हरिद्वार जिले की लंढौर रियासत से जुड़ा हुआ है।
फायरिंग कांड ने हरिद्वार में राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है। पुलिस ने मामले को नियंत्रण में लेने के लिए दोनों पक्षों से पूछताछ शुरू कर दी है। उमेश कुमार और प्रणव चैंपियन दोनों का राजनीतिक सफर विवादों और संघर्षों से भरा रहा है, लेकिन हालिया घटना ने उनकी दुश्मनी को सार्वजनिक और खतरनाक बना दिया है।

फायरिंग के बाद हरिद्वार में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दोनों नेताओं को विवाद से दूर रखने की कोशिश कर रही है। यह घटना उत्तराखंड की राजनीति में गहराती दुश्मनियों का प्रतीक बन गई है, जो अब कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन चुकी है।  
Force Today News Report

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