DATE - 24 DEC 2025
हरिद्वार: कांगड़ी में गंगा मैया की छाती चीर रहा अवैध खनन, प्रशासन मौन VIDEOहरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा की पवित्रता और उसके अस्तित्व पर एक बार फिर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। ताज़ा मामला कांगड़ी क्षेत्र का है, जहाँ 'गंगा मैया' की गोद में चोरी-छिपे अवैध खनन का खेल धड़ल्ले से जारी है। हैरत की बात यह है कि यह सब कुछ बिना किसी रोक-टोक के प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है।
रात के अंधेरे में "सक्रिय
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कांगड़ी और उसके आसपास के तटवर्ती इलाकों में खनन माफिया नियमों को ताक पर रखकर गंगा की जलधारा के बीचों-बीच से रेत और पत्थर निकाला जा रहा है।
बिना रोक-टोक जारी है 'काला कारोबार'
हैरानी इस बात की है कि जिस क्षेत्र में खनन पूरी तरह प्रतिबंधित होना चाहिए, वहाँ बेखौफ होकर खनन सामग्री ढोई जा रही है।
- निगरानी का अभाव: संबंधित विभाग के अधिकारी इस ओर से आँखें मूँदे बैठे हैं।
- पर्यावरण को खतरा: अंधाधुंध खनन के कारण गंगा का प्राकृतिक बहाव बदल रहा है, जिससे भविष्य में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
आस्था और पर्यावरण पर प्रहार
हरिद्वार को गंगा के कारण ही विश्व भर में पहचान मिली है। जहाँ एक ओर सरकार 'नमामि गंगे' जैसे अभियानों पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर कांगड़ी जैसे क्षेत्रों में हो रहा यह अवैध खनन इन दावों की पोल खोल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इसे जल्द नहीं रोका गया, तो गंगा के तटवर्ती गाँवों का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा।
उठ रहे हैं कई सवाल--
क्या प्रशासन को इस बात की खबर नहीं है? या फिर माफियाओं को किसी रसूखदार का संरक्षण प्राप्त है? बिना किसी विभागीय मिलीभगत के इतने बड़े स्तर पर "चोरी-छिपे" खनन होना असंभव प्रतीत होता है।
अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन इस खबर के बाद कुंभकर्णी नींद से जागता है या खनन माफिया इसी तरह गंगा के सीने को छलनी करते रहेंगे।
FORCE TODAY NEWS
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें