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एक तरफ खौफ -दूसरी तरफ -बे खौफ -स्पेशल रिपोर्ट फ़ोर्स टुडे

-बे खौफ खनन -फोर्स -टुडे रिपोर्ट 



एक तरफ खौफ -दूसरी तरफ खनन -स्पेशल रिपोर्ट फ़ोर्स टुडे ---

एक तरफ covid 19 का खौफ  और दूसरी तरफ खनन का काम बे खौफ - जहा covid 19 की वज़ह से सिद्धबली  मंदिर  मै भक्त्त नहीं। मदरसा मै बच्चे नहीं। 


 . और दूसरी तरफ नज़र  गयी तो  बिना     खौफ  के  खनन का काम  तेजी से चल  रहा  है  ऐसा लग रहा  है covid 19 पुल के ऊपर और सड़क पर है खनन वाली जग़ह पर covid 19 का कोई खौफ नहीं.  -अब समझना होगा- की जब हम नजदीक पहुँछै तो ख़नन वाली साइड पर  ख़लबली सी हो गयी। और मोबाइल मैं  बात होंना चालु  हो  गया  ।  लकिन हम भी जानते है की खनन माफ़िया किस हद तक  जा सकते है -इसलिये हम वहाँ से एक आम आदमी की तरह निकल गये - और दूर  से फोटों ले ली।पास  जाने पर  घबराना ये साबित करता है की कुछ तो ग़लत हो रहा है 4 महीनै covid 19 का खौफ -और ३ महीने बारिश मै इसी खनन की वजह से बाढ़ का खौफ -होंगा  बाकी खौफ ठंड पूरा कर देगी।  हम ये नहीं कह रहे की covid 19 से मत डरो - हमारा कहना है kovid 19 और खनन  दोनो हि danger  है अब भी समय है रुक जाओ वरना परिणाम आने वाले समय में भयंकर हो सकते है--

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 खनन से नुकसान-खनन पर्यावरण के लिए घातक सिद्ध हो रहा है। खनन के बाद निकाली गई रेत व बालू हवा में उड़ कर शुद्ध वायु को दूषित करती है। जिसका प्रभाव मानव जीवन पर पड़ता है। सांस के साथ रेत के कण हमारे फेफड़ों में पहुंच जाते है। जिससे नई नई बीमारियां शरीर में घर बना लेती है। शहर आसपास के क्षेत्रों में हो रहे अवैध खनन से यहां का पर्यावरण खराब हो रहा है। वहीं खान माफिया प्रशासन की लचर कार्रवाई का फायदा उठा कर दिन रात खनन कर प्राकृतिक संसाधनों का जम कर दोहन कर रहे हैं।इससे नदी में प्रदूषण होने के साथ नदी के रास्ते से छेड़छाड़ स्वरूप को बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में इसका बहाव प्राकृतिक स्वरूप प्रभावित होगा।


चेताबनी -इस पर्यावरण में रहने की वजह से इसका असर मानव जीवन पर भी पड़ रहा है, लेकिन कोई भी इस ओर गंभीर समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा है। जिसके परिणाम आने वाले समय में भयंकर हो सकते है


सिद्धबली मंदिर कोट्द्वार  रिपोर्ट फ़ोर्स टुडे 



मदरसा कोटद्वार 



खनन साइड कोटद्धार 



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