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एक चूक-धरा गया हल्द्वानी हिंसा का मास्टरमाइंड अब्दुल मलिक

 DATE 24 FER 2024  FORCE TODAY NEWS

एक चूक...धरा गया हल्द्वानी हिंसा का मास्टरमाइंड अब्दुल मलिक 

One mistake...mastermind of Haldwani violence Abdul Malik caught

हल्द्वानी हिंसा के मास्टरमाइंड अब्दुल मलिक को उत्तराखंड पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। 

 
पुलिस से बचकर भाग रहे आरोपी अब्दुल मलिक ने गिरफ्तारी के डर से वलीकों के जरिए हल्द्वानी की सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर कराई हुई है, जिस पर... 27 फरवरी को सुनवाई होनी है. बताया जा रहा है कि आरोपी के वकीलों द्वारा अग्रिम जमानत याचिका में दिल्ली का पता दिया गया था. जैसे ही पुलिस को इस एड्रेस के बारे में जानकारी हुई, तत्काल इस पते पर टीम भेजी गई. यहां दबिश के दौरान आरोपी अब्दुल मलिक पुलिस के हत्थे चढ़ गया. 

आठ फरवरी को हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में मलिक के बगीचे में अवैध मदरसा और धर्मस्थल ढहाने गई पुलिस और प्रशासन की टीम पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया था। पथराव में सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह, रामनगर कोतवाल समेत 300 से अधिक पुलिसकर्मी और निगमकर्मी घायल हो गए। उपद्रवियों ने बनभूलपुरा थाना भी फूंक दिया। पुलिस की जीप, जेसीबी, दमकल की गाड़ी दोपहिया समेत 70 से अधिक वाहन फूंक दिए गए। आंसू गैस के गोले दागने और लाठी चार्ज के बाद भी जब हालात काबू में नहीं आए, तो सबसे पहले अधिकारी जान बचाने के लिए मौके से भागे। पुलिस व निगम टीम जैसे-तैसे वहां से निकली। प्रशासन ने उपद्रवियों को देखते ही पैर में गोली मारने के आदेश दिए हैं। पिता-पुत्र समेत छह लोगों की गोली लगने से मौत हो गई थी। 

हल्द्वानी हिंसा में करोड़ों की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। हिंसा के बाद से पुलिस लगातार उपद्रवियों की धरपकड़ के लिए कार्रवाई कर रही है। हिंसा का मास्टरमाइंड अब्दुल मलिक और उसका बेटा मोईद फरार चल रहे थे, जिसके बाद अब अब्दुल मलिक की गिरफ्तारी हो गई है। 
आरोपी से 2.44 करोड़ की वसूली करेगा नगर निगम 
लोकसभा चुनाव लड़ चुका है आरोपी अब्दुल मलिक 
आरोपी अब्दुल मलिक मोटा पैसा जमा करने के बाद नेता बनने का सपना देखा था. वह साल 2004 में फरीदाबाद से लोकसभा का चुनाव लड़ने के लिए बसपा से टिकट लाकर चुनाव भी लड़ चुका है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मलिक को नामांकन के अंतिम दिन टिकट मिला था और नॉमिनेशन फाइल करने के दौरान उसके साथ 100 लोगों की टीम थी. इस चुनाव में उसे हार का सामना करना पड़ा था

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