सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

मसूद अजहर फूट-फूटकर रोया।

 7 May 2025 🇮🇳🇮🇳🇮🇳

मसूद अजहर फूट-फूटकर रोया। .. 

मसूद अजहर

मसूद अजहरमसूद अजहरमसूद अजहर के परिवार के 10 लोगों की मौत_

भारत की सशस्त्र सेनाओं द्वारा अंजाम दिए गए ऑपरेशन सिंदूर में आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर के परिवार के 10 लोगों की मौत हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मसूद अजहर ने बयान जारी कर इसकी जानकारी दी है। बहावलपुर में आतंकी ठिकानों पर हुए हमले में मसूद अजहर के लोगों की मौत हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आज शाम चार बजे बहावलपुर में मसूद अजहर के परिजनों को दफनाया जाएगा। 


मसूद अजहर अपनों की मौत पर फूट-फूटकर रोया
मसूद अजहर ने बयान जारी कर बताया है कि हमले में उसके परिजनों के अलावा चार करीबी सहयोगी भी मारे गए हैं। बहावलुपर में जामिया मस्जिद सुभान अल्लाह पर हुए हमले में जैश ए मोहम्मद चीफ मसूद अजहर की बड़ी बहन और उसके पति, भांजे और उसकी पत्नी और अन्य भतीजों और परिवार के पांच बच्चों की मौत हुई है। हमले में मसूद अजहर के करीबी सहयोगी और उसकी मां और दो अन्य करीबी सहयोगियों की भी मौत हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले में अपनों के मारे जाने पर मसूद अजहर फूट-फूटकर रोया। भारत के हमले में आतंकी कारी मोहम्मद इकबाल की भी मौत हुई है। कारी इकबाल ही कोटली में चलने वाले आतंकी कैंपों का कमांडर था। कारी इकबाल के साथ हमले में 10 अन्य आतंकी भी मारे गए हैं। ऑपरेशन सिंदूर में बिलाल आतंकी कैंप के प्रमुख याकूब मुगल की भी मौत हुई है। 

7 मई की दरमियानी रात को 1:05 बजे से लेकर 1:30 बजे तक सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया। 25 मिनट के इस ऑपरेशन में 24 मिसाइलों के जरिए नौ आतंकी शिविरों को ध्वस्त कर दिया गया। इन नौ ठिकानों में से पांच पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में थे, वहीं चार पाकिस्तान में थे। इन ठिकानों में आतंकियों को भर्ती किया जाता था। उन्हें प्रशिक्षित किया जाता था। उनके दिमाग में जहर भरा जाता था। ऑपरेशन सिंदूर में यह खास ध्यान रखा गया कि पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठानों, रिहाइशी इलाकों और आम नागरिकों को नुकसान न पहुंचे.

Force Today News _-_- 🇮🇳 India

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

कोटद्वार के जंगल में जब लावारिश लाश को पाया...फावड़े से वार ...

  कोटद्वार के जंगल में जब लावारिश लाश ...  पति की हत्या करने वाली पत्नी. सोनम रघुवंशी और मेरठ की मुस्कान रस्तोगी के बाद अब ऐसी ही एक खबर मुरादाबाद से सामने है. मुरादाबाद की रहने वाली रीना सिंधु ने अपने पति रविन्द्र कुमार की हत्त्या बिजनौर के रहने वाले अपने प्रेमी पारितोष कुमार के साथ मिलकर कर दी. इतना ही नहीं पति की हत्या के बाद उसकी लाश को कार में रखकर दो दिन तक उत्तराखंड की सड़कों पर घूमती रही. फिर कोटद्वार के जंगलों में सुनसान जगह देखकर शव को फेंक दिया. लेकिन पुलिस ने लावारिश लाश मिलने के बाद शुरू की जांच के बाद आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है.  इस कहानी की शुरुआत तब से होती है जब उत्तराखंड पुलिस ने कोटद्वार के जंगल में जब लावारिश लाश को पाया. फिर लाश की पहचान करने के लिए तफ्तीश शुरू की तो पति-पत्नी और वो की हैरान करने वाली कहानी सामने आई  जानकारी के अनुसार रविंद्र कुमार की मुरादाबाद के सिविल लाईन थाना इलाके के रामगंगा विहार कॉलोनी में एक पुराना मकान है. वो इस मकान को बेचना चाहते थे. लेकिन उनकी दूसरी पत्नी रीना सिंधु इसके खिलाफ थी. ऐसे में उसने प...

video कोटद्वार घराट मैं हत्या का प्रयास

  video कोटद्वार  घराट मैं हत्या का प्रयास यह कहावत अक्सर यह दर्शाती है कि लोग दूसरों के दर्द या परेशानी से दूर रहते हैं और केवल मनोरंजन के लिए मौजूद रहते हैं।

हरिद्वार: कांगड़ी में गंगा मैया की छाती चीर रहा अवैध खनन, प्रशासन मौन video

 DATE - 24 DEC 2025 हरिद्वार: कांगड़ी में गंगा मैया की छाती चीर रहा अवैध खनन, प्रशासन मौन VIDEO हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा की पवित्रता और उसके अस्तित्व पर एक बार फिर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। ताज़ा मामला कांगड़ी क्षेत्र का है, जहाँ 'गंगा मैया' की गोद में चोरी-छिपे अवैध खनन का खेल धड़ल्ले से जारी है। हैरत की बात यह है कि यह सब कुछ बिना किसी रोक-टोक के प्रशासन की नाक के नीचे हो रहा है। ​ रात के अंधेरे में "सक्रिय ​स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कांगड़ी और उसके आसपास के तटवर्ती इलाकों में खनन माफिया  नियमों को ताक पर रखकर गंगा की जलधारा के बीचों-बीच से रेत और पत्थर निकाला जा रहा है। ​ बिना रोक-टोक जारी है 'काला कारोबार' ​हैरानी इस बात की है कि जिस क्षेत्र में खनन पूरी तरह प्रतिबंधित होना चाहिए, वहाँ बेखौफ होकर खनन सामग्री ढोई जा रही है।  ​ निगरानी का अभाव: संबंधित विभाग के अधिकारी इस ओर से आँखें मूँदे बैठे हैं। ​ पर्यावरण को खतरा: अंधाधुंध खनन के कारण गंगा का प्राकृतिक बहाव बदल रहा है, जिससे भविष्य में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। ​ आस्था और पर्यावरण...